हिंदी व्याकरण

स्थायी भाव और संचारी भाव में अंतर | sanchari bhav aur sthayi bhav me antar

स्थायी भाव और संचारी भाव में अंतर | sanchari bhav aur sthayi bhav me anter
स्थायी भाव और संचारी भाव में अंतर | sanchari bhav aur sthayi bhav me anter

स्थायी भाव और संचारी भाव में अंतर | sanchari bhav aur sthayi bhav me antar

स्थायी भाव

संचारी भाव

1. संचारी भाव की संख्या 33 है। 1. इसकी संख्या केवल 10 है
2. ये स्थायी भाव के अंग हैं।
2. ये संचारी भाव के अंग नहीं हैं।
3. वे भाव जो व्यक्ति के हृदय में सदैव रहते हैं। ये अस्थिर होते हैं। 3. वे भाव जो संचरित होते रहते हैं। ये अस्थिर होते हैं।
4. स्थायी भाव एक रस में एक ही होता है। 4 . संचारी भाव एक रस में अनेक होते हैं।
5. ये आते-जाते रहते हैं। 5. स्थायी भाव संचारित नहीं होते हैं।
6. ये स्थायी भाव के जागरण में सहायक होते हैं हैं। 6. स्थायी भाव संचारी भावों को नहीं जगाते हैं।

उदाहरण- विवाह में दूल्हा और दुल्हन दोनों प्रसन्नचित्त हैं। वे एक-दूसरे को कनखियों से देखते हैं।

यहाँ स्थायी भाव ‘रति’ है अतः यहाँ शृंगार रस है।

उदाहरण में हर्ष, आवेग, चपलता, लज्जा, धृति आदि संचारी भाव हैं जो ‘रति’ नामक स्थायी भाव को जाग्रत करते हैं।

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Anjali Yadav

इस वेब साईट में हम College Subjective Notes सामग्री को रोचक रूप में प्रकट करने की कोशिश कर रहे हैं | हमारा लक्ष्य उन छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की सभी किताबें उपलब्ध कराना है जो पैसे ना होने की वजह से इन पुस्तकों को खरीद नहीं पाते हैं और इस वजह से वे परीक्षा में असफल हो जाते हैं और अपने सपनों को पूरे नही कर पाते है, हम चाहते है कि वे सभी छात्र हमारे माध्यम से अपने सपनों को पूरा कर सकें। धन्यवाद..

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