हिंदी व्याकरण

सकर्मक और अकर्मक क्रिया का उदाहरण और अंतर कैसे पहचाने

सकर्मक और अकर्मक क्रिया का उदाहरण
सकर्मक और अकर्मक क्रिया का उदाहरण

सकर्मक और अकर्मक क्रिया का उदाहरण

रचना की दृष्टी से क्रिया के भेद:

अकर्मक क्रिया

जिन क्रियाओं का असर कर्ता पर ही पड़ता है वे अकर्मक क्रिया कहलाती हैं। ऐसी अकर्मक क्रियाओं को कर्म की आवश्यकता नहीं होती।

अकर्मक क्रियाओं के उदाहरण :

> राकेश रोता है।

> साँप रेंगता है।

> बस चलती है।

कुछ अकर्मक क्रियाएँ :

लजाना, होना, बढ़ना, सोना, खेलना, अकड़ना, डरना, बैठना, हँसना, उगना, जीना, दौड़ना, रोना, ठहरना, चमकना, डोलना, मरना, घटना, जागना, उछलना, कूदना

सकर्मक क्रिया

जिन क्रियाओं का असर कर्ता पर नहीं कर्म पर पड़ता है, वह सकर्मक क्रिया कहलाती हैं। इन क्रियाओं में कर्म का होना आवश्यक होता हैं-

सकर्मक क्रिया के उदाहरण

> मैं लेख लिखता हूँ।

> सुरेश मिठाई खाता है।

> मीरा फल लाती है।

> भँवरा फूलों का रस पीता है।

द्विकर्मक क्रिया

जिन क्रियाओं के दो कर्म होते हैं, उन्हें द्विकर्मक क्रिया कहते हैं।

द्विकर्मक क्रिया के उदाहरण-

> मैंने राम को पुस्तक दी।

> श्याम ने राधा को रुपये दिए।

ऊपर के वाक्यों में ‘देना’ क्रिया के दो कर्म हैं। अतः देना द्विकर्मक क्रिया हैं।

प्रयोग के आधार पर क्रिया के भेद-

अकर्मक क्रियाः

जिस क्रिया से सूचित होने वाला व्यापार कर्ता करे और उसका फल भी कर्ता पर ही पड़े, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।

जैसे- राम खाता है।

वाक्य में खाने का व्यापार राम से है और खाने का फल भी राम पर ही पड़ता है, इसलिए ‘खाता है’ अकर्मक क्रिया है।

अन्य उदाहरणः

> गीता गाती है।

> बच्चा खेलता है।

> श्याम हंसता है।

> कीड़ा बिलबिलाता है।

> कुत्ता भोंकता है।

अपूर्ण सकर्मक क्रियाः

जिस क्रिया के पूर्ण अर्थ का बोध कराने के लिए कर्ता के अतिरिक्त अन्य संज्ञा या विशेषण की आवश्यकता पड़ती है, उसे अपूर्ण सकर्मक क्रिया कहते हैं। अपूर्ण सकर्मक क्रिया का अर्थ पूर्ण करने के लिए संज्ञा या विशेषण को जोड़ा जाता है, उसे पूर्ति कहते हैं।

> जैसे- गाँधी कहलाये।

– से अभीष्ट अर्थ की प्राप्ति नहीं होती। अर्थ समझने के लिए यदि पूछा जाय कि गाँधी क्या कहलाये? तो उत्तर होगा- गाँधी महात्मा कहलाये। इस प्रकार कहलाये अपूर्ण अकर्मक क्रिया का अर्थ महात्मा शब्द द्वारा स्पष्ट होता है। इस वाक्य में कहलाये अपूर्ण अकर्मक क्रिया और महात्मा शब्द पूर्ति है।

अन्य उदाहरणः

> मेरा भाई शिक्षक हो गया।

> सोना पीला होता है।

> साधु चोर निकला।

> वह मनुष्य बुद्धिमान है।

> जन्म ही जाति तय करता है।

उपर्युक्त वाक्यों में हो गया, होता है, निकला और है अपूर्ण अकर्मक क्रियाएँ हैं और शिक्षक, पीला, चोर और बुद्धिमान पूर्ति है।

सकर्मक क्रिया:

जिस क्रिया से सूचित होने वाले व्यापार का फल कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़े, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।

> जैसे- श्याम पुस्तक पढ़ता है।

वाक्य में पढ़ता है क्रिया का व्यापार श्याम करता है, किन्तु इस व्यापार का फल पुस्तक पर पड़ता है, इसलिए पढ़ता है सकर्मक क्रिया है और पुस्तक कर्म शब्द कर्म है। 

अन्य उदाहरणः

> राम बाण मारता है।

> राधा मूर्ति बनाती है।

> नेता भाषण देता है।

इसे भी पढ़ें…

Disclaimer

Disclaimer: Target Notes does not own this book, PDF Materials Images, neither created nor scanned. We just provide the Images and PDF links already available on the internet. If any way it violates the law or has any issues then kindly mail us: targetnotes1@gmail.com

About the author

Anjali Yadav

इस वेब साईट में हम College Subjective Notes सामग्री को रोचक रूप में प्रकट करने की कोशिश कर रहे हैं | हमारा लक्ष्य उन छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की सभी किताबें उपलब्ध कराना है जो पैसे ना होने की वजह से इन पुस्तकों को खरीद नहीं पाते हैं और इस वजह से वे परीक्षा में असफल हो जाते हैं और अपने सपनों को पूरे नही कर पाते है, हम चाहते है कि वे सभी छात्र हमारे माध्यम से अपने सपनों को पूरा कर सकें। धन्यवाद..

Leave a Comment